प्रयागराज, मार्च 15 -- प्रयागराज, संवाददाता। वीथिका संस्था के साहित्यिक आयोजन 'पीढ़ियां' में देश के प्रख्यात साहित्यकार शामिल हुए। साहित्यकारों की तीन पीढ़ियों पर केंद्रित वीथिका कार्यक्रम इलाहाबाद संग्रहालय के सभागार में हुआ। मुंबई से आईं कथाकार सूर्यबाला, नागपुर से आए कथाकार मनोज रूपड़ा व वाराणसी की कवयित्री आकृति विज्ञा 'अर्पण' ने अपनी रचनाओं का पाठ किया और लेखन प्रक्रिया के बारे में बताया। जिस पर उपस्थित आलोचकों ने विमर्श किया।सूर्यबाला ने कहा कि साहित्य मेरे लिए तीर्थ है और लेखन तीर्थ यात्रा। आज साहित्य की सार्वभौमिकता पर ध्यान देने की जरूरत है। छोटे शहरों ने भारतीय मूल्यों को सहेज कर रखा है। उन्होंने कहा कि भारतीय विरासत बहुत समृद्ध है। इनकी रचनाओं का विश्लेषण करते हुए युवा आलोचक डॉ. जर्नादन ने कहा कि सूर्यबाला की कई कहानियों में भर...