मोतिहारी, नवम्बर 26 -- नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत बलुआ बाजार में करीब पांच सौ छोटी-बड़ी दुकानें व प्रतिष्ठान हैं। 25 फीसदी थोक व 75 फीसदी फुटकर विक्रेता हैं। औसतन दो करोड़ रुपये का कारोबार रोजाना होता है। नगर निगम व सरकार को यहां से टैक्स के रूप में लाखों रुपये की आमदनी होती है। पर बाजार में सुविधाएं नदारद हैं। अतिक्रमण व जाम से आए दिन व्यवसाय का ग्राफ गिरता जा रहा है। ओवरब्रिज बनने के बाद से बाजार की रौनक चली गयी। चारों तरफ कूड़ा-कचरे का अंबार लगा रहता है। बाजार में सार्वजनिक शौचालय व यूरिनल का भी अभाव है। रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था भी भगवान भरोसे है। बाजार में आये दिन बाइक व मोबाइल चोरी की घटनाएं होती रहती हैं। झपटमार गिरोह के बदमाश भी बाजार आने वाले ग्राहकों को अपना शिकार बनाते रहते हैं। गिरोह के बदमाश महिलाओं क...
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