रघुनाथपुर थाने को क्रांतिकारियों ने कर दिया था आग के हवाले
सीवान, अगस्त 15 -- शशिभूषण, रघुनाथपुर। 9 अगस्त 1942 को जब महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा देते हुए भारत छोड़ो आंदोलन की घोषणा की तो कुछ ही दिनों में इसका असर गांवों में भी व्यापक तौर पर दिखने लगा। युवाओं में इस आंदोलन ने इतना जोश तो भर ही दिया था, किसानों ने भी अंग्रेजों को भगाने के लिए हुंकार भर दी। अंग्रेज अफसरों और सिपाहियों को लोगों ने जब खदेड़ने की ठान ली तो चहुंओर थाने जलाए जाने लगे।
किसानों का योगदान अंग्रेजों को भगाने के लिए गांव के किसानों ने भी हुंकार भरी थी। महात्मा गांधी ने जब नमक सत्याग्रह को लेकर 12 अप्रैल 1930 ने दांडी यात्रा शुरू की थी तो यह देश भर में करीब साल तक जारी रहा। रघुनाथपुर जैसे सुदूर क्षेत्र में भी दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) निकाली गयी। 1931 में दांडी मार्च निकलाने के आरोप में रघुनाथपुर बाजार बच्...
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