बलिया, जून 1 -- बलिया, संवाददाता। जनपद में दुर्घटनाग्रस्त और गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए बना ट्रामा सेंटर विभागीय उपेक्षा का शिकार हो गया है। देखरेख और उपयोग के अभाव में यहां लगे पांचों वेंटीलेटर की बैट्रियां रखे-रखे ही खराब हो गई हैं। जबकि समुचित संसाधन उपलब्ध नहीं होने से बाकी बचे उपकरण भी खराब होने की कगार पर हैं। आलम यह है कि पौने दो करोड़ की बिल्डिंग में लगे करोड़ों के उपकरण पिछले नौ सालों से धूल फांक रहे हैं। मैन पावर के अभाव में ट्रामा सेंटर सिर्फ रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। यह भी पढ़ें- सदर अस्पताल व सभी पीएचसी में नि:शुल्क 102 एम्बुलेंस की सुविधा मरीजों को दिलाने का निर्देशट्रामा सेंटर का निर्माण गंभीर रोगियों की जान बचाने के लिए वर्ष 2016 में लगभग 1 करोड़ 57 लाख 43 हजार की लागत से ट्रामा सेंटर का भवन बनवाया गया। शासन से इसक...