ग्रेटर नोएडा, अगस्त 28 -- राखी का धागा सिर्फ एक रेशम की डोर नहीं बल्कि जीवन भर रक्षा करने का वो वादा है जिसे इस बार दो बहनों ने निभाया। जब किडनी की बीमारी के चलते दो भाइयों की सांसें संकट में थीं, तब उनकी बहनों ने अपने जीवन की परवाह किए बिना भाइयों को किडनी दान कर उन्हें नया जीवन दिया। शुक्रवार को भाई-बहन जीवन की नई आशा के साथ रक्षाबंधन मनाएंगे। उत्तराखंड के किच्छा निवासी 40 साल के जितेंद्र गंगवार पिछले दो सालों से क्रॉनिक किडनी डिजीज से जूझ रहे थे। भाई की यह तकलीफ देखकर उनकी 45 साल की अविवाहित बहन बीना गंगवार ने अपनी किडनी देने का फैसला किया। जुलाई के अंत में ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल में जितेंद्र का सफल किडनी प्रत्यारोपण हुआ। उन्होंने भावुक होकर कहा, यह रक्षाबंधन मेरे लिए सबसे खास है। ऐसी बहन भगवान हर भाई को दे। वहीं, सुप्रियो भी लं...