रक्षा बंधन का जैन परंपरा में व्यापक अध्यात्मिक महत्व: मुनि श्री
गिरडीह, अगस्त 29 -- पीरटांड़। मधुबन स्थित गुणायतन में साधनारत राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज एवं मुनि श्री संधान सागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में मधुबन में पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन पर्व श्रद्धा, भक्ति, वात्सल्य और आध्यात्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर आयोजित विशेष धार्मिक अनुष्ठान में अकंपनाचार्य सहित 700 मुनिराजों को श्रद्धापूर्वक अर्घ समर्पित किया गया। वहीं भगवान श्रेयांसनाथ के मोक्षकल्याणक के उपलक्ष्य में संकुल कूट की कल्पना कर श्रद्धालुओं द्वारा निर्वाण लाडू अर्पित किया गया। बताया गया कि पूर्णिमा पर राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने लगभग 55 मिनट की वृहद शांतिधारा की। इसके बाद विशेष रक्षाबंधन पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। दोपहर में रक्षाबंधन को सामूहिक रूप से वात्सल्य पर्व के रूप म...
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