रुडकी, अगस्त 28 -- झबरेड़ा। रक्षाबंधन का त्योहार शुक्रवार को कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी और रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना की। रक्षाबंधन को लेकर पौराणिक मान्यताएं भी प्रचलित हैं। मान्यता है कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण की उंगली सुदर्शन चक्र चलाते समय घायल हो गई थी। उंगली से रक्त निकलता देख द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर भगवान श्रीकृष्ण की उंगली पर बांध दिया था। इस पर श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को सदैव रक्षा करने का वचन दिया था। कहा जाता है कि जब कौरवों की सभा में द्रौपदी का चीरहरण किया जा रहा था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी लाज बचाकर अपना रक्षा वचन निभाया। यह भी पढ़ें- Rakhi Kahani: क्या आप जानते हैं रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है? पढ़े...