बालाघाट, अगस्त 9 -- मध्य प्रदेश के बालाघाट में रहने वाली संघमित्रा खोबरागड़े 14 सालों से अपने भाई प्रसन्नजीत रंगारी को राखी बांधने का इंतजार कर रही हैं। उनका भाई पाकिस्तान की कोट लखपत सेंट्रल जेल में कैद है। संघमित्रा के लिए यह रक्षाबंधन भी अपने भाई को राखी बांधने की खुशी के बिना ही गुजर जाएगा। पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान के लिए डाक और कूरियर सेवाएं बंद होने के कारण संघमित्रा का अपने भाई को लिखा भावुक पत्र अभी तक नहीं पहुंचा है। अपने संदेश में वह अपनी तड़प, अपनी मां के आंसुओं और अपने भाई के घर लौटने तक किसी और को राखी न बांधने की अपनी प्रतिज्ञा के बारे में लिखती हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, संघमित्रा ने पत्र में लिखा, "भाई, रक्षाबंधन पर मुझे आपकी बहुत याद आती है। मैं आपको राखी बांधना चाहती हूं, लेकिन आप भारत से बहुत दूर हैं। मै...
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