देहरादून, अप्रैल 8 -- पुरोला। रवांई घाटी के मटर उत्पादक किसानों व बागवानों पर इस बार मौसम की मार इस कदर पड़ी कि मटर की उत्पादकता आधी से कम हो गई है वंही सेब सहित कई फलदार फसलों में ओलावृष्टि व भारी बारिश के चलते फूलों के झड़ने से बड़ा नुकसान होने का अंदेशा है जिससे कि क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर खासी चिंता की लकीरें व मायूसी छाई है। रवांई घाटी के मोरी व नौगांव सहित कमल सिराईं व रामा सिराईं के हुडोली, सौंदाडी, खलाड़ी, नेत्री, स्वील, चंदेली, पुरोला, करड़ा, दनमाणा, मैराना, ढकाडा, भद्राली, कुमारकोट, सुकडाला, सुनाली सहित दोनों पट्टियों के दर्जनों गांव नगदी फसल के रूप में मुख्यत मटर का उत्पादन कर अपनी आजीविका चलाते हैं।इस वर्ष पहले सूखे की मार से व अब भारी ओलावृष्टि व लगातार हो रही बेमौसमी बारिश से मटर की उत्पादकता पर खासा असर पड़ा है। आजकल क्षेत...