फतेहपुर, जून 20 -- फतेहपुर, वरिष्ठ संवाददाता। पट्टीशाह गांव में हत्या के प्रतिशोष में हुई हत्याओं के बावजूद दोनों पक्ष के अधिकतर लोग सुलह के लिए तैयार थे। एक सपा नेता की पहल पर दोनो पक्षें से कई दौर की बातचीत भी चली। ऐसा लग रहा था कि जल्द गांव के हालात सामान्य होंगे लेकिन नामजद बसपा नेता ने अंत समय सुलह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। जिसके बाद सालों से बंद पड़ी फाइलों में पैरवी ने तेजी पकड़ी। घटना के विरोध में हुए खूनी रंजिश में पहले फैसला आया, कोर्ट में दबी पहली घटना की फाइल पर फैसला के लिए दूसरे पक्ष ने हाइकोर्ट का रुख किया था। जिसके बाद फैसला सामने आया था। ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे को लेकर एक दूसरे के धुर विरोधी बने मज्जू मियां और बसपा नेता शरीफ की रंजिश में कई परिवार तबाह हो गए लेकिन दहशत इस कदर है कि कोई खुल कर बोलने की हिम्मत नहीं ...