नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- दिवाली या फिर किसी भी शुभ मौके पर चौक पूरने या रंगोली बनाने का ट्रेडिशन काफी पुराना है। पुराने समय में यूपी और उत्तराखंड में इसे ऐपन या ऐपण बोलते थे। जो एक बार फिर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर इंफ्लूएंसर इस ट्रेडिशनल ऐपण से रंगोली डिजाइन बना रहे हैं। जो ईको फ्रेंडली दिवाली का बेस्ट एक्जाम्पल है। मार्केट में मिलने वाले रंगोली के कलर सिंथेटिक रंगों से तैयार होते हैं। और जरा सा पैर लगने पर बिगड़ जाते हैं। खासतौर पर जिनके घर में जगह कम है या फिर छोटे बच्चे हैं। उन्हें रंगोली बनाने में दिक्कत होती है। वहीं ये रंगोली ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी रहती। जबकि ट्रेडिशनल ऐपण से बनी रंगोली काफी टाइम तक रहती है। जब तक आप इसे पानी से साफ नहीं कर देते। ऐसे में ये ट्रेडिशनल ऐपन बनाना स्मार्ट च्वॉइस हो सकती है।कैसे बनाएं ट्रेडिशनल...
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