बिहारशरीफ, फरवरी 27 -- होली बाजार 03 रंगों में घुला 'जहर': पलाश की जगह केमिकल, सिलिका और रोडियामिन बी ने ली कभी केसर से महकती थी होली, अब मेटालिक पेंट रंगों का बाजार पर कब्जा बाजार में 90 फीसदी से अधिक भारतीय उत्पाद, चीन मात्र 10 फीसद पर सिमटा बच्चों को लुभा रहीं गदा, तलवार और स्प्राइट वाली रंग-बिरंगी पिचकारियां 10 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक के पिचकारियों के विकल्प मौजूद फोटो होली पिचकारी : बिहारशरीफ के पुलपर बाजार में सजी पिचकारी की दुकान में खरीदारी करते लोग। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। रंगों का त्योहार होली खुशियों का प्रतीक है। लेकिन, बाजार में बिक रहे मिलावटी रंगों ने इस त्योहार की रंगत को खतरनाक बना दिया है। एक वह दौर था, जब होली केसर, पलाश के फूलों और चंदन जैसे प्राकृतिक चीजों से खेली जाती थी। आज इनकी जगह खतरनाक केमिकल, रोडियाम...
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