अंबेडकर नगर, अप्रैल 5 -- अम्बेडकरनगर। उर्दू पत्रकारिता के जाने-माने चेहरे, रंगकर्मी और संपादक मंजर मेहदी के निधन की खबर से साहित्यिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रगतिशील लेखक संघ के तत्वाधान में हंसवर में आयोजित शोकसभा में मोहम्मद शफी नेशनल इंटर कॉलेज हंसवर के शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि मंजर मेहदी ने हमेशा एकता, भाईचारे और एकजुटता को बढ़ावा देने का काम किया। राशिद अनवर राशिद ने कहा कि मंजर मेहदी के निधन से पत्रकारिता का एक सुनहरा अध्याय खत्म हो गया है। आर्य हरीश कौशलपुरी ने कहा कि मंजर मेहदी एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने धार्मिक सद्भाव और मानवता की सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। जमालुद्दीन सफर ने कहा कि दिवंगत की शख्सियत बहुमुखी थी। वह साहित्य, पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में समान रूप से सक्रिय थे।

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