पूर्णिया, मार्च 10 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।कला-भवन नाट्य विभाग की ओर से प्रशिक्षण हॉल में आयोजित नवीनतम नाटक उम्मीद की खेती का मंचन किया गया। नाटक का लेखन और निर्देशन रंगकर्मी शिवाजी राम राव द्वारा किया गया। इस नाटक उम्मीद की खेती में जैविक खेती की महत्व को दिखाया गया है। नाटक में दिखाया गया कि कैसे रासायनिक खेती के कारण फसल बर्बाद हो जाता है। इससे किसान कर्ज में डूब जाता है। फसल सहीं नहीं होने से उसके उम्मीद पर चोट लगता है और वह आत्म हत्या करने का प्रयास करता है। इसी बीच बाहर से कृषि की पढ़ाई कर रहे उसका पुत्र लौट आता है। पिताजी को आत्म हत्या करने से रोकता है। उसे जैविक खेती का महत्व बताते हुए खेती की बेहतर फसल की जानकारी देता है। सभी जैविक खेती करते हैं और आदि फसल अच्छी होती है। किसान अपनी सारी परेशानी से उबर जाता है। नाटक मे...
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