अमरोहा, मार्च 12 -- अमरोहा। अमीर-उल-मोमिनीन हजरत अली के यौमे शहादत पर शहर के मोहल्ला दरबार-ए-कलां में नाजिम हुसैन आरिफ के आवास पर बुधवार रात महफिल/जलसा हुआ। शुरुआत नाजिम हुसैन आरिफ ने नात-ए-पाक पढ़कर की। वक्ताओं व शायरों ने हजरत अली की जिंदगी और इस्लाम के लिए उनकी बेमिसाल खिदमात पर रोशनी डाली। सैय्यद शिबान कादरी, नाजिम हुसैन आरिफ, सामी अमरोहवी व जैद जैदी समेत अन्य कई शायरों ने अपना कलाम पेश कर हजरत अली को श्रद्धांजलि दी।वक्ताओं ने कहा कि हजरत अली की जिंदगी पूरी इंसानियत के लिए रोशनी की किरण है। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी को इस्लाम की सेवा, इंसाफ और इंसाफ की स्थापना और सच्चाई और नेकी की तरक्की के लिए समर्पित किया। उनकी जिंदगी हमें सब्र, बहादुरी, तालीम, दोस्ती और इंसानियत की खिदमत का सबक सिखाती है। आखिर में मुल्क में अमन-चैन और कौम की खुशहाल...
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