मेरठ, जून 26 -- मुहर्रम की दसवीं तारीख यौमे आशूरा पर शुक्रवार को मुंडाली गांव में शिया समुदाय के लोगों ने पूरी अकीदत और गमगीन माहौल में ताजिया जुलूस निकाला। अजादारों ने कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हुए मातम किया। इस दौरान कई अजादारों ने ब्लेड तथा जंजीरों में लगी छुरियों (जंजीर-जनी) से मातम कर अपने गम और अकीदत का इजहार किया। सुबह से ही गांव के मुख्य इमामबाड़े में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया। आलिमों ने तकरीर के माध्यम से कर्बला की घटना का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार हजरत इमाम हुसैन ने अपने परिवार और साथियों के साथ अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर मुकाबला किया तथा इस्लाम की हिफाजत के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह भी पढ़ें- डुमरांव में इमाम हुसैन की शहादत पर निकली ताजिया जुलू...