गोरखपुर, जून 15 -- गोरखपुर। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ की से आयोजित चार दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सोमवार को हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए योग से बढ़कर कोई साधन नहीं है। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि योग का प्रशिक्षण जीवनभर व्यक्ति के साथ रहता है तथा यह शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं के निराकरण में अत्यंत प्रभावी है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे ने कहा कि योग समाज को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में सहायक है। यह भी पढ़ें- एमएमएमयूटी में सात दिवसीय यो...