मथुरा, जून 20 -- मथुरा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संस्कार जागृति मिशन की अध्यक्ष एवं सनातन धर्म प्रचारिका प्रो. डॉ. अर्चना प्रिय आर्य ने कहा कि योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन कराने वाला आध्यात्मिक विज्ञान है। उन्होंने कहा कि संस्कृत की युज धातु से बना योग शब्द जुड़ने एवं समाधि का संदेश देता है। योग का उद्देश्य मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित कर ईश्वर के ज्ञान एवं दर्शन का मार्ग प्रशस्त करना है। डॉ. आर्य ने कहा कि योग जीवन जीने की एक पद्धति है, जो आत्मबोध, आत्म-अनुशासन एवं आत्म-साक्षात्कार का माध्यम बनती है। दृढ़ संकल्प, श्रद्धा, प्रेम, उत्साह एवं संयम के साथ योग का अनुसरण करने वाला व्यक्ति ही सच्चा योगी कहलाता है। यह भी पढ़ें- योग आत्मा का परमात्मा से मिलन का मार्ग : डॉ. अर्चना प्रिय आर्य अपने शरीर, वि...