शैलेंद्र श्रीवास्तव, जनवरी 12 -- लोकसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा, दलित व अल्पसंख्यक) फार्मूला हिट होने के बाद समाजवादी पार्टी विधानसभा चुनाव में भी इसको और धार देने की तैयारियों में जुट गई है। सपा की नजर उत्तर प्रदेश में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार पर है। अगर विस्तार हुआ तो सपा उसमें पीडीए को दी गई हिस्सेदारी को कसौटी पर लेगी। देखेगी कि पीडीए समाज को कितनी हिस्सेदारी मिली। इसके आधार पर सपा में भी पीडीए की हिस्सेदारी और बढ़ाने के बाद विधानसभा चुनाव में इसको हथियार बनाएगी। यूपी की राजनीति में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों की भूमिका हमेशा से अहम रही है। यादव और मुस्लिम समीकरण के सहारे यूपी में राजनीति करने वाली सपा ने इसमें बदलाव किया है। लोकसभा चुनाव 2024 में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पीडीए का फार्मूला अपनाया और वह हिट भी रहा। उन्होंने सपा म...
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