योगिनी एकादशी कथा 2026 हिंदी में :पढ़ें शिवभक्त कुबेर, हेममाली की एकादशी व्रत कथा
नई दिल्ली, जुलाई 9 -- आषाढ़ मास की योगिनी एकादशी भी बहुत खास मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि जो इस व्रत को रखता है, उसके कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। एकादशी का व्रत इस साल आज 10 जुलाई को रखा जाएगा। इस व्रत के बारे में धर्मराज युधिष्टठिर ने श्रीकृष्ण से पूछा था कि आषाढ़के कृष्णपक्ष में जो एकादशी होती है, उसका क्या नाम है ? तब श्रीकृष्ण ने जवाब दिया कि आषाढ़के कृष्णपक्षकी एकादशी का नाम योगिनी है। यह बड़े बड़े पातकोंका नाश करनेवाली है। यहां पढ़ें इसकी कथा- संसार सागरमें डूबे हुए प्राणियों के लिए अगर कोई व्रत सनातन नौका है तो वह है योगिनी एकादशी । अब इसकी कथा सुने। अलकापुरी में राजाधिराज कुबेर रहते थे। वे सदा भगवान् शिव की भक्ति में मग्न रहते थे। उनके हेममाली नाम का एक सेवक था। जो कुबेर के लिए शिव पूजा में इस्तेमाल होने वाले फूल लेकर ...
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