नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल हो जाने की घटना ने सभी को चौंका दिया है। एक दशक पहले अपने गठन के बाद से आम आदमी पार्टी के लिए यह सबसे बड़ा झटका रहा है। फिलहाल चर्चा यही है कि आखिर AAP में इतनी बड़ी बगावत कैसे हो गई और क्या अरविंद केजरीवाल को इसके बारे में पता भी नहीं लगा? इस बारे में जब पूछा गया तो 7 बागी सांसदों में से एक विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि यह फैसला सामूहिक तौर पर लिया गया। भाजपा में जाने वाले सातों सांसदों ने मिलकर निर्णय लिया था और इसके बाद ही पाला बदला गया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता समेत सभी ने मिलकर AAP से अलग होना तय किया था। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि हम सभी लोगों ने मिलकर अलग होने का फैसला लिया था। आम आदमी...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.