कानपुर, अप्रैल 22 -- इरिगेशन चैनल में बह रहे टेनरियों के जहर से जाना की आब-ओ-हवा तो बर्बाद हो ही रही है साथ ही गांव के भविष्य को भी बौना बना रही है। आपका अपना अखबार हिन्दुस्तान जाना को 'जहर' से बचाओ मुहिम की छठवीं कड़ी में ग्रामीणों से रूबरू हुआ, तो लोगों ने बच्चों के शारीरिक विकास की ओर इशारा किया। अपने बच्चों को दिखाते हुए ग्रामीण कहने लगे कि ये 8 और 10 साल के बच्चे हैं, लेकिन देखने में 6-7 साल की उम्र के दिख रहे हैं। इसकी वजह टेनरियों का जहरीला पानी है, जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से बिना शोधित हुए इरिगेशन चैनल में बह रहा है। गांव में बच्चों के शारीरिक विकास की बात छिड़ी तो रामलखन और अनीता ने कहा कि उनके बच्चे इशू और इशानी अपनी उम्र से कम कद-काठी के दिखते हैं। बच्चे बढ़ियां खा-पी रहे हैं, लेकिन इनके शरीर को अन्न नहीं लग रहा है। अनीता ने ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.