नई दिल्ली, जुलाई 4 -- नौकरी की तलाश आज के दौर में किसी जंग से कम नहीं है। गलाकाट प्रतियोगिता और बेरोजगारी के इस डरावने माहौल में लोग अपनी सेहत तक को दांव पर लगाने से नहीं हिचकिचाते। कई बार तो ऐसा लगता है कि डिग्रियों और सीवी के वजन तले इंसानियत कहीं दब कर रह गई है। क्या आप सोच सकते हैं कि कोई शख्स अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही, ठीक से खड़े होने की ताकत न होने के बावजूद, नौकरी के लिए इंटरव्यू देने बैठ जाए? जी हां, ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला वाकया हाल ही में सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर कॉर्पोरेट जगत की एक बहुत ही कड़वी सच्चाई पेश की है। लिंक्डइन पर जूही भाटिया नाम की एक रिक्रूटर की पोस्ट ने इन दिनों इंटरनेट पर तहलका मचा रखा है। इस पोस्ट ने एक बार फिर से इस बहस को छेड़ दिया है कि क्या आज के जॉब मार्केट में इंसान सिर्फ एक रिसोर्स बनकर...