नई दिल्ली, जुलाई 1 -- यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस महाद्वीप के अधिकांश घरों, स्कूलों और कार्यालयों में आज भी एयर कंडीशनिंग की सुविधा नहीं है। दुनिया के सबसे गर्म देशों से आने वाले पर्यटक हैरान हैं कि इतनी आधुनिक सुविधाओं वाले यूरोप में कूलिंग सिस्टम क्यों नहीं अपनाया गया। बताया जाता है कि जलवायु चिंताओं, ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और शोर की आशंका ने यूरोप को लंबे समय से एयर कंडीशनिंग से दूर रखा है, लेकिन रिकॉर्डतोड़ गर्मी अब इस पुरानी नीति को सीधे चुनौती दे रही है।बुनियादी ढांचा चरमरा गया दरअसल, इस बार गर्मी ने पूरे यूरोप के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कें पिघल रही हैं,...