नई दिल्ली, अप्रैल 14 -- फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपीय मानवाधिकार अदालत (ईसीएचआर) ने भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी की पहचान को गोपनीय रखने की अनुमति दे दी, जिससे उसका मामला सार्वजनिक जांच से बाहर हो गया। अधिकारियों ने बताया कि अदालत उनके मामले को गोपनीय मानेगा और मामले की कार्यवाही खुली अदालत में नहीं होगी। ईसीएचआर कार्यालय ने बताया कि जिन मामलों में आवेदक को पहचान गोपनीय रखने का अधिकार दिया गया और मुकदमे से जुड़ी फाइल गोपनीय है, उन मामलों के बारे में अदालत कोई जानकारी नहीं दे सकती। लगभग दो सप्ताह में ईसीएचआर नीरव मोदी की याचिका पर सुनवाई कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, न्यायालय सीबीआई की भी सुनवाई करेगा, जिसके बाद वह फैसला सुना सकता है। यह भी पढ़ें- मुझे शक है, आपका मुद्दा क्या है; अदालत में केजरीवाल और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के ...