लखनऊ, जून 4 -- यूरिया और डीएपी के अंधाधुंध और अत्यधिक उपयोग से कई क्षेत्रों में मिट्टी में पोषक तत्वों का असंतुलन पैदा हो गया है। इससे मिट्टी के स्वास्थ्य और उर्वरता की स्थिति बिगड़ गई है। नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज (एनबीएफजीआर) की ओर से गुरुवार को सरोजनीनगर ब्लाक की पंचायत शाहदुल्ला नगर में संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ अजेय कुमार पाठक के नेतृत्व में विशेषज्ञों ने यह जानकारी किसानों को दी। खेत बचाओ अभियान के तहत एनबीएफजीआर के विशेषज्ञों ने गोबर की खाद, कम्पोस्ट, जैव-उर्वरकों, हरी खाद वाली फसलों की खेती और पशु अपशिष्ट से प्राप्त अन्य जैविक इनपुट के उपयोग के माध्यम से खेती की पद्धतियों को एकीकृत करने के महत्व पर जोर दिया। उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर बल दिया। वैज्ञानिक दल में सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी रवि कुमार, डॉ विकास साहू ...