बाराबंकी, जून 13 -- रामनगर। खरीफ सीजन की खेती की तैयारी के बीच क्षेत्र के किसान यूरिया खाद के लिए परेशान हैं। बिना फार्मर रजिस्ट्री के खाद न मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई किसानों का कहना है कि उनके आधार कार्ड और खतौनी में नाम अलग-अलग दर्ज होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पा रही है जिससे वे खाद लेने से वंचित हो रहे हैं। आखिर खेती कैसे होगी जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन चुकी है उनका कहना है कि उनके वास्तविक रकबे की तुलना में कम भूमि दर्ज कर दी गई है। जिससे उन्हें आवश्यकता के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है।

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