नई दिल्ली, दिसम्बर 26 -- उत्तर प्रदेश में गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) की तिथि बढ़ने की अटकलों पर शुक्रवार को विराम लग गया। तारीख न बढ़ने के साथ ही यूपी की मतदाता सूची से तकरीबन दो करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम बाहर हो रहे हैं। अगर इसे सीटों के लिहाज से देखें तो प्रदेश की हर विधानसभा सीट पर औसतन करीब 72 हजार नाम वोटर लिस्ट से कटेंगे। हर विधानसभा में घटे इन वोटरों ने भाजपा सहित सभी दलों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ना भी तय हो गया है। अब जबकि 2.89 करोड़ नाम इस सूची से बाहर होना तय हो गया है तो सियासी पारा चढ़ गया है। यही सवाल तैर रहे हैं कि आखिर यह कौन से वोटर थे। किसके समर्थक थे। किसका सियासी गुणा-गणित बनेगा या बिगड़ेगा। दरअसल महानगरों से ज्यादा स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की रही। कारण है शहरों में रह...
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