यूपी मॉडल ने तोड़ी थी नकल माफिया की कमर: डॉ. दिनेश शर्मा
लखनऊ, जुलाई 31 -- देशभर में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंता के बीच उत्तर प्रदेश का 2017 से 2022 के बीच लागू किया गया परीक्षा सुधार मॉडल फिर चर्चा में है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि उत्तर प्रदेश में लागू की गई व्यवस्थाओं को समय रहते राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया गया होता, तो पेपर लीक और नकल माफिया का नेटवर्क आज इतना बड़ा और संगठित रूप नहीं ले पाता। योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के नेतृत्व में परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए। इन सुधारों का उद्देश्य केवल नकल रोकना नहीं था, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, तकनीक आधारित और विश्वसनीय बनाना था। यही कारण है कि आज भी उत्तर प्रदेश का यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर...
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