कानपुर, मार्च 4 -- यूपी के कानपुर में 38 फर्जी फर्में खोलकर करीब 250 करोड़ की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) हड़पने वाले गिरोह के खुलासे की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। गिरफ्तार आरोपी कपिल मिश्रा और राज उर्फ अमर दीप कौशिक के अलावा मास्टरमांइड ऋषभ तीनों मिलकर पूरा खेल करते थे। दरअसल, नजीराबाद के आरके नगर के रहने वाले अनुराग वर्मा को बहन की शादी के लिए एक लाख लोन चाहिए था। 19 दिसंबर 2025 को उसकी मुलाकात कपिल मिश्रा और राज उर्फ अमरदीप से हुई। दोनों ने लोन दिलाने का झांसा देकर पैन कार्ड, आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, डीएल, बिजली का बिल समेत उसके अन्य दस्तावेज ले लिए। अनुराग को 30 जनवरी को गोविंदनगर की एक बैंक में फोटो खिंचाने के लिए भेजा गया। वहां उसका बैंक खाता खुला। लोन के रुपये न आने पर युवक ने बैंक में जाकर पता लगाया तो उसके नाम से रुद्रा ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.