लखनऊ, अप्रैल 11 -- यूपी में 10 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। लिख-पढ़ न पाने वाले और अंकों का ज्ञान न होने वाले 15 वर्ष से अधिक उम्र वालों को साक्षर बनाया जाएगा। 200 घंटे की पढ़ाई के बाद सितंबर में परीक्षा ली जाएगी। पास होने वालों को साक्षर होने का प्रमाण पत्र मिलेगा।नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 200 घंटे की पढ़ाई इन निरक्षरों को कराई जाएगी। प्रतिदिन दो घंटे इन्हें पढ़ाने की व्यवस्था होगी। हर वित्तीय वर्ष में मार्च व सितंबर में यह परीक्षा आयोजित कराई जा रही है। अब सितंबर में परीक्षा को देखते हुए अभियान चलाया जाएगा। वालेंटियर्स के रूप में डीएलएड व बीएड के छात्र, एजीओ की शिक्षित महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सेवानिवृत्त कर्मी भी इन्हें पढ़ा सकते हैं।वालेंटियर्स को कोई भत्ता इसके लिए नहीं दिया जाएगा। शिक्षा...
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