लखनऊ, दिसम्बर 25 -- यूपी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में सैकड़ों अपात्रों को मकान बनाने के लिए करोड़ों रुपये दे दिए गए। साइबर धोखाधड़ी के चलते 159 लाभ्यर्थियों का 86.20 लाख रुपये दूसरों के खाते में भेज दिया गया। विधानमंडल में बुधवार को पेश भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके साथ ही कई अन्य विभागों में भी अनियमित्तता बरतने की रिपोर्ट दी गई है। इसमें उर्जा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग शामिल हैं। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग के रवैये पर सीएजी की रिपोर्ट में चिंता जाहिर की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कच्चे और जीर्ण-शीर्ण आवासों में रहने वाले परिवारों को अपनी जमीन पर मकान बनाने के लिए 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में दिया जाता है। वर्ष 2016-17 से 2022...
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