लखनऊ, अप्रैल 24 -- मलेरिया का यूपी सहित देशभर से वर्ष 2030 तक खात्मे का लक्ष्य है। इसके लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय योजना 2023-27 की तुरंत पहचान व इलाज की रणनीति यूपी में काफी कारगर साबित हो रही है। बीते चार-पांच सालों में प्रदेश में मलेरिया के मरीजों की संख्या में तकरीबन सात गुना की गिरावट आई है। जांच और निगरानी बढ़ाए जाने का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है।इसी रणनीति को लागू कराकर प्रदेश में मलेरिया की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2019 में जहां मलेरिया के 92,000 से अधिक मामले सामने आए थे, वहीं वर्ष 2025 तक यह संख्या घटकर 14500 के आसपास रह गई है। यह भी पढ़ें- मलेरिया डेंगू को एक चम्मच पानी भी बन सकता है खतरा निगरानी तंत्र में सुधार को वार्षिक रक्त परीक्षण दर में वृद्धि से भी समझा जा सकता है। वर्ष 2019 म...