देवरिया, अगस्त 27 -- बेहद अनुशासित मानी जाने वाली भाजपा इन दिनों अपनी गुटबंदी को लेकर चर्चा में है। पहले अयोध्या, फिर कानपुर और अब देवरिया में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता खुलेआम भिड़ गए। जूता-चप्पल से लेकर लाठी-डंडा भी चल गया। इससे पार्टी सकते में है। अब कहा जा रहा है कि रार नहीं थमी तो यह गुटबंदी 2027 पर भारी पड़ सकती है। देवरिया में एक दो नहीं बल्कि कई खेमों में पार्टी बंटी हुई दिख रही है। कई दिग्गज तो एक दूसरे को पटखनी देने के लिए अपने स्तर से बड़े-बड़े दांव भी लगा रहे हैं। पिछले दिनों संगठन के विस्तार में उपेक्षा के चलते भी एक खेमे की नाराजगी बढ़ी है। भाजपा के सोशल मीडिया राष्ट्रीय सहसंयोजक शिवानंद द्विवेदी के स्वागत कार्यक्रम के दौरान मंगलवार को जो कुछ हुआ उसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। एक पूर्व सांसद और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि...