नई दिल्ली, अप्रैल 3 -- UP News: उत्तर प्रदेश में 70 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं की बिना सहमति के बाद स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में बदल दिए गए।स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता पर केंद्र सरकार द्वारा रुख साफ किए जाने के बाद अब इस मसले पर बिजली कंपनियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। कहा जा रहा है कि पावर कॉरपोरेशन ने विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन करते हुए नए कनेक्शन प्रीपेड मीटर के साथ अनिवार्य कर दिए हैं। वहीं, बिजली कंपनियों ने बिना उपभोक्ताओं की सहमति के 70 लाख से ज्यादा मीटर प्रीपेड मोड में बदल दिए हैं। विद्युत अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए पावर कॉरपोरेशन और बिजली कंपनियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर होगी। केंद्र सरकार की रिवैंप ड्रिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत प्रदेश भर में पुराने मैनुअल मीटरों को स्मार्ट मी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.