नई दिल्ली, जुलाई 19 -- उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को डबल झटका लगा है। एक ओर 1200 यूनिट से अधिक सालाना बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को रियायती दर (लाइफलाइन टैरिफ) का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, जिन उपभोक्ताओं की सालाना बिजली खपत 1200 यूनिट से कम है, लेकिन उनका स्वीकृत बिजली लोड एक किलोवाट हो गया है,वे भी इस सुविधा से वंचित हो सकते हैं। इसे लेकर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (यूपीपीसीएल) पर लगातार सवाल उठने लगे हैं। यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसे टैरिफ आदेश की भावना के विपरीत बताते हुए विद्युत नियामक आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। परिषद का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं की वार्षिक बिजली खपत 1200 यूनिट से कम है, उन्हें केवल लोड बढ़ने के आधार पर लाइफलाइन श्रेणी से बाहर नहीं किया जा सकता। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने लाइव हिन...