लखनऊ, अगस्त 6 -- यूपी में पंचायत चुनाव कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवायी करते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने टिप्पणी की है कि राज्य सरकार अधिसूचना की तिथि से छह माह के भीतर वोटिंग कराने के लिए बाध्य हैं। यह एक वैधानिक अनिवार्यता है। न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार के अधिवक्ता के अनुसार यह अवधि नवंबर 2026 में समाप्त हो जाएगी। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवायी के लिए 11 अगस्त की तिथि नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने एसके शर्मा द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। न्यायालय ने कहा कि हमने अभिलेख इसलिए भी तलब किए थे क्योंकि हम यह देखना चाहते हैं कि क्या ऐसी परिस्थितियां विद्यमान थीं जो राज्य सरकार के नियंत्रण से परे थीं, जिनके कारण समय रहते चुनाव कराने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए...