यूपी में ग्राम प्रधान को प्रशासक बनाने के फैसले पर रोक, हाईकोर्ट ने सरकार से चुनाव टालने पर भी सवाल पूछा
विधि संवाददाता, जून 26 -- यूपी में अब प्रधानों की प्रधानी खत्म हो गई है। प्रधानों को प्रशासक बनाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तल्खी दिखाते हुए प्रधानों के कार्यकाल को बढ़ाकर प्रशासक बनाने के आदेश को गलत बताया और इस आदेश पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव टालने पर राज्य सरकार से पूछा। हाईकोर्ट ने सवाल किए की असंवैधानिक कानून के तहत आदेश कैसे जारी हुआ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को टालने और प्रधानों का बतौर प्रशासक कार्यकाल बढ़ाने के आदेशों पर असंतोष जताया है। कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243ई के तहत पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष के लिए निश्चित है और किसी भी हाल में पांच साल खत्म होने से पहले अगले चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए। राज्य सरकार कोई अध्यादेश या कानून लाकर चुनाव को पांच साल से आगे नहीं बढ़ा...
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