आलोक चंद्रा, जून 9 -- आलोक चंद्रा, पूर्व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, भारतीय प्रबंध संस्थान, कलकत्ता किसी भी राज्य के विकास की सार्थकता तब है, जब वहां के किसानों के चेहरों पर खुशहाली दिखाई दे और ऐसा तभी संभव है जब कोई सत्ता विकास की धुरी में गांव, खेत और किसानों को रखती है। राज्य की नीतियां जब किसान केंद्रित होती हैं, तो यह पूरे राष्ट्र की आत्मा को सशक्त करती हैं। ऐसा इसलिए कि खेती सिर्फ उत्पादन की प्रक्रिया ही नहीं है, बल्कि जीवन, संस्कृति और सभ्यता की निरंतरता का आधार है। इस दृष्टि से देखें तो उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान किसानों के लिए जो भी कदम उठाए गए, वह सिर्फ एक सरकार का संकल्प ही नहीं, एक राज्य के समग्र विकास की आधार दृष्टि हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालने के बाद ही किसानों की कर्ज माफी कर अपनी प्राथमिकताए...