लखनऊ, अप्रैल 24 -- -उपभोक्ता परिषद ने कहा कारपोरेशन ने गरीबों को ही चुनालखनऊ, विशेष संवाददाता।प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के यहां बिना सहमति प्रीपेड मीटर लगाए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। इस मामले में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश में अभी तक जिन 75 लाख से अधिक पोस्टपैड मीटरों को प्रीपेड में बदला गया है, उनमें से करीब 66 लाख सिर्फ एक और दो किलोवाट के हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसे लेकर सवाल उठाया कि पावर कारपोरेशन ने प्रीपेड मोड के लिए सबसे गरीब उपभोक्ताओं को ही चुना।स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर प्रदेश में अभी भी तस्वीर साफ नहीं हो सकी है जबकि इस मामले में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रीपेड मीटर बिना उपभोक्ता की सहमति के नहीं लगाए जा सकते। यह भी पढ़ें- स्मार्ट प्रीपेड म...