नई दिल्ली, अप्रैल 12 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की उच्च और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता लाने के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अब राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालयों में 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP) 2020 कितनी प्रभावी ढंग से लागू हो रही है, इसकी सीधी निगरानी जिले के जिलाधिकारी (DM) और मंडल के कमिश्नर करेंगे। इसके साथ ही, माध्यमिक स्कूलों की प्रबंध समितियों में सदस्यों के मनोनयन को लेकर भी पुराने नियमों को बहाल कर दिया गया है।'यूपी-प्रमाण' पोर्टल से होगी कड़ी निगरानी शासन के विशेष सचिव (उच्च शिक्षा) गिरिजेश कुमार त्यागी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा शैक्षणिक नेटवर्क के प्रदर्शन, रैंकिंग, मूल्यांकन और निगरानी के लिए विकसित 'यूपी-प्रमाण' पोर्टल अब डीएम और कमिश्नर के...