नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर मंथन तेज हो गया है। सूत्रों की मानें तो जातीय समीकरण और संगठनात्मक अनुभव के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के साथ मजबूत तालमेल इस बार चयन की सबसे अहम शर्त मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इस बार चेहरा चुनने में सावधानी बरत रही है जो संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत तैयारी सुनिश्चित कर सके, जहां पार्टी का सामना आक्रामक समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी कांग्रेस से होगा। 2024 लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा की सीटें 62 से घटकर 33 होने के बाद संगठन बनाम सरकार की कथित खींचतान और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का 'संगठन सरकार से ऊपर' वाला बयान सुर्खियों में रहा था। पार्ट...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.