हाथरस, अप्रैल 2 -- एक ओर निजी स्कूलों में जहां कमीशनखोरी के चलते मनमाने प्रकाशकों की मंहगी किताबों को देकर अभिभावकों की जेब काटी जा रही है। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ाई जाने वाली सबसे मंहगी किताब हिंदी की है। जबकि अंग्रेजी की किताब सबसे सस्ती है। नवीन सत्र की शुरूआत होने से पूर्व ही माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कक्षा नौ से बारह तक की पुस्तकों की सूची जारी कर दी है। निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों की मनमानी चलती है। स्कूल संचालकों से सांठगांठ करके तमाम निजी स्कूल संचालक हर साल किताबों का कोर्स बदल देते है। इसके साथ यूनिफार्म को बदल दिया जाता है। इस वजह से अभिभावकों की जेब पर डांका डाला जा रहा है। तमाम अभिभावकों के स्तर से कमीशनखोरी की शिकायत की जा चुकी है,लेकिन निजी स्कूल संचालकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही।म...