वाराणसी, अगस्त 12 -- वाराणसी हिटी। प्रदेश के पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश ने सुझाव दिया है कि उत्तर प्रदेश हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए सेमेस्टर प्रणाली लागू की जानी चाहिए। इसके तहत साल में एक की जगह दो परीक्षाएं होंगी। परीक्षाओं को कानून व्यवस्था की स्थिति से बाहर रखने के लिए 'बंद किताब परीक्षा की जगह खुली किताब परीक्षा प्रणाली लागू हो।' मौजूदा व्यवस्था औपनिवेशिक है, जिसे करीब 135 साल पहले विलियम विल्सन की ओर से गठित डॉ. एमई सडलर आयोग ने लागू किया था। एक बयान में शतरुद्र ने कहा कि मौजूदा समय में एक करोड़ से ज्यादा छात्र-छात्राएं हर वर्ष यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में उनकी परीक्षा उसी स्कूल में होनी चाहिए, जहां वे पढ़ते हैं। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली-2020 को सही तरीके से लागू करने के ...