नई दिल्ली, जून 17 -- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने राज्य भर के 465 गैर-सरकारी स्कूलों की मान्यता को पूरी तरह और हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। यह कार्रवाई उन स्कूलों के खिलाफ हुई है जो केवल कागजों पर या नाममात्र के लिए चल रहे थे, लेकिन धरातल पर वहां न तो नियमित कक्षाएं लग रही थीं और न ही कोई छात्र पढ़ाई कर रहा था। बोर्ड के इस कड़े कदम के बाद पूरे उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत और स्कूल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है।क्या है मान्यता रद्द होने का असली कारण? यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह सख्त फैसला 'इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921' के नियमों और विनियमों के तहत लिया गया है। इस अधि...