प्रयागराज, फरवरी 27 -- यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान छद्म परीक्षार्थियों (प्रॉक्सी कैंडिडेट) के माध्यम से परीक्षा दिलाने के प्रयासों पर बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। अब तक प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 22 ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय है, जो आर्थिक लाभ के लिए छात्रों को गलत राह पर धकेल रहा है। परिषद ने इन मामलों में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र में परिषद ने सॉल्वर गैंग के सरगनाओं, बिचौलियों और अवैध कोचिंग संचालकों की पहचान कर कठोर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है...
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