विधि संवाददाता, अक्टूबर 31 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी-2026) के मास्टर सेट के दो विवादित प्रश्नों (प्रश्न संख्या 36 व 37) को मूल्यांकन से बाहर करने और 148 प्रश्नों के आधार पर नए सिरे से अंक निर्धारित कर परिणाम संशोधित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने विजय सोनकर व तीन अन्य अभ्यर्थियों की याचिका का निस्तारण करते हुए दिया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा गत तीन जुलाई को प्राथमिक स्तर की यूपीटीईटी-2026 परीक्षा आयोजित की गई थी। यूपी टीईटी परीक्षा के बाद जारी अंतिम उत्तर कुंजी में आयोग ने मास्टर सेट के प्रश्न संख्या 36 व 37 में दो-दो विकल्पों को सही मान लिया। आयोग ने मूल्यांकन के दौरान केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को अंक दिए, जिन्होंने उन दो मान्य विकल्पों में से किसी...