नई दिल्ली, मार्च 26 -- सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम, 1986 के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली सभी लंबित याचिकाओं को सुनवाई के लिए तीन जज की एक पीठ को भेजने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सभी संबंधित मामलों को संलग्न करने का आदेश दिया और केंद्र को भी कार्यवाही में पक्षकार बनाया। कार्यवाही के दौरान, याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील शोएब आलम ने विभिन्न पीठों में मामलों के दोहराव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 की जांच कर रही है, जो संगठित अपराध से संबंधित है, वहीं दूसरी ओर इस याचिका में उत्त...
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