वाराणसी, मार्च 26 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद लापरवाही की कई परतें सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार, एक साल में कॉलेज परिसर से जुड़ी 11 शिकायतें संबंधित थाने तक पहुंची थीं, लेकिन इनमें से केवल तीन मामलों में ही एफआईआर दर्ज की गईं। मंजीत और सूर्य प्रताप सिंह के विवाद के अलावा अन्य गुटों के विवाद भी पुलिस तक पहुंचे थे। छात्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पहले की घटनाओं को पुलिस ने गंभीरता से लिया होता, तो यह हत्या रोकी जा सकती थी। कॉलेज परिसर में लंबे समय से विवाद, मारपीट और बाहरी तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही थीं। इन घटनाओं की शिकायतें लगातार की जा रही थीं, लेकिन न तो कॉलेज प्रशासन ने सख्ती दिखाई और न ही पुलिस ने प्रभावी कदम उठाए। उधर, एलआईयू की रिपोर्ट में भी कॉलेज के कुछ बव...