नई दिल्ली, अक्टूबर 5 -- यूपी में गांवों से शहरों की दूरी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी। यहां के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और गांवों में ज्ञान का डिजिटल द्वार खुल चुका है। कभी जिस ग्रामीण छात्र को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगी किताबों और आधुनिक संसाधनों के लिए शहर का रुख करना पड़ता था, आज वही सुविधाएं उसके गांव के पंचायत सचिवालय में मिल रही हैं। यूपी के 57000 से ज्यादा गांवों में लाइब्रेरी पहुंच चुकी है। डिजिटल कंटेंट और आधुनिक संसाधनों के करीब आने से गांव के युवाओं के सपनों की राह आसान हुई है। जो समय और पैसा पहले कोचिंग और किताबों के साथ शहर आने-जाने में खर्च होता था, अब वह छात्र अपनी पढ़ाई और ई-लर्निंग में लगा पा रहे हैं।76 स्थानों से बढ़कर 57,600 ग्राम पंचायतों तक विस्तार उत्तर प्रदेश सरकार की ग्र...